सफेदी की चादर- blog post by Amit Kumar Gautam | best hindi poem | Safedi ki chadar

            

                    सफेदी की चादर ओढे़ हुए, एक नया सवेरा आयेगा।

                    आपकी बेरंग दुनिया में कई रंग भर जायेगा।।

                                फूलों पर फिर आयेंगे भंवरे, गीत प्यार के गायेंगे भंवरे।

                                हर एक डाली पे प्रेम पुष्प खिल जायेगा।।

                                जब सफेदी की चादर ओढ़े हुए एक नया सवेरा आयेगा।।।



                    किसी से कोई बैर नहीं, जग में सब अपने कोई गैर नहीं।

                    हर कोई आपस में मिलकर एक प्यारा जीवन पायेगा।।

                    जब सफेदी की चादर ओढ़े हुए एक नया सवेरा आयेगा।।।

                                चिड़िया चहकेगी डाली-डाली, सूरज ने अपनी कमान संभाली।
                                सबके जीवन से अंधकार छंट जायेगा।।
                                जब सफेदी की चादर ओढ़े हुए एक नया सवेरा आयेगा।।।
                    कोयल की आवाज जादू कर जाती है,  बिछड़े हुए लम्हों की याद दिलाती है।
                    सबके कानों में मधुर राग सुनाएगा।।
                    जब सफेदी की चादर ओढ़े हुए एक नया सवेरा आयेगा।।।



आपका अमित


                    

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