2 नवम्बर को रिलीज़ हुई एक तमिल फिल्म 'जय भीम' की हर जगह चर्चा हो रही है. तमिल फिल्मो के सुपरस्टार सूर्या की यह फिल्म न्याय के लिए एक आदिवासी महिला के संघर्ष को दर्शाती है.
महाराष्ट्र में आंबेडकर आंदोलन के लाखो कार्यकर्ता और आंबेडकर भावनात्मक बंधन रखने वाले एक दूसरे मिलते वक़्त 'जय भीम' कहते है. महाराष्ट्र के कोने-कोने में 'जय भीम' शब्द हज़ारो नहीं बल्कि लाखो गीत गाये जाते है.
जय भीम नारा किसने दिया ?
जय भीम का नारा सबसे पहले आंदोलन के एक कार्यकर्ता बाबू हरदास एल एन (लक्ष्मण नागराले) ने 1935 में दिया था. बाबू हरदास सेंट्रल प्रोविंस-बरार परिषद् के विधायक थे और बाबा साहेब आंबेडकर के विचारो का पालन करने वाले एक प्रसिद्ध कार्यकर्ता थे.
| बाबू हरदास |
नासिक के कालाराम मंदिर में लड़ाई, चावदार तालाब झील के सत्याग्रह के कारन बाबा साहेब का नाम हर घर तक पहुंच चुका था. इसके बाद महाराष्ट्र में बाबा साहेब ने जिन दलित नेताओं को आगे बढ़ाया, बाबू हरदास उनमे एक थे. रामचंद्र क्षीरसागर की पुस्तक दलित मूवमेंट इन इंडिया एंड इट्स लीडर्स में दर्ज है की बाबू हरदास ने सबसे पहले 'जय भीम' का नारा दिया था.
गुंडागर्दी करने वाले असामाजिक लोगो को नियंत्रण में लाने और समानता के विचारो को हर गांव में फ़ैलाने के लिए बाबा साहेब ने समता सैनिक दल की स्थापना की थी. बाबू हरदास समता सैनिक दल के सचिव थे.

0 Comments