बसंती का जन्मदिन / Lovely Hindi Story by Amit Gautam

जेल में आज चारो तरफ गुब्बारों से सजावट की गई थी। जेल के स्टाफ के साथ ही कैदियों के चेहरे पर भी उल्लास के भाव थे। आज खाने से जेल मेन्यु का कोई लेना-देना न था। सुबह नाश्ते में चाय के साथ ब्रेड की जगह पकौड़ियां बांटी गई और लंच में दाल, चावल सब्जी की जगह पूड़ियां, तन्दूरी, पनीर, छोले, गुलाबजामुन, छेना और भी जायकेदार व्यंजन और स्वादिष्ट मिठाईयां बन रही थी। महिला बैरक में सुबह से भीड़ हो रही थी हर कोई बसंती को मिलकर उसे जन्मदिन की बधाई देना चाहता था। सिद्धदोष कैदियों के अलावा किसी भी कैदी को आज कोई मनाही न थी पूरी जेल भर में आज कहीं भी आ जा सकते थे। सब मन ही मन बसंती को दुआएं दे रहे थे। जिसकी वजह से यह सब संभव हो रहा था। 


आज बसंती की मां रामदुलारी को सुबह से फुर्सत नहीं मिली थी। सुबह जल्दी उठने के बावजूद उसके कुछ काम रह गये थे। हालांकि जेलर साहब ने एक दिन पहले ही रामदुलारी को आगाह कर दिया था कि कल बसंती के जन्मदिन मनाया जायेगा और जज साहब भी आयेंगे। 

शेष भाग जल्द जारी होगा....................

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