उच्च न्यायालय इलाहाबाद में क्लर्क की परीक्षा का परिणाम आये हुए लगभग चार महीने होने वाले थे लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से कोई ज्वाइनिंग लेटर नहीं मिल…
Read more »"कृतिका" कहां हो तुम। अचानक नीचे से मां की आवाज आई। छत पर पानी की टंकी के पास बैठकर फोनकर से बात करती हुई कृतिका अचानक हड़बड़ाकर बोली- …
Read more »शाम के साढ़े पांच बज रहे थे। आफिस में आज काम ज्यादा था। काम वैसे तो रोज ही ज्यादा होता है लेकिन आज रोज वाले काम से भी ज्यादा था। मेरी हमेशा से आदत र…
Read more »कमरे के पास पहुंचकर मैं अपनी बैग में चाभी ढूढ़ ही रहा था कि अचानक पीछे से अंकल की आवाज आई, "लगता है आज फिर चाभी गुम हो गई।" मैने मुड़…
Read more »किसी गांव में एक किसान रहता था जिसकी उम्र ढल चुकी थी इसलिए लोग उसे बूढ़ा किसान कहते थे। वह रोज सवेरे उठकर सबसे पहले अपने खेत देखने जाता था फिर खेतो…
Read more »internet जिन्दगी एक सफर की तरह ही है जहां बस चलते रहना है, रुकना नहीं है। जिन्दगी एक आइसक्रीम की तरह भी है जिसे आपको समय रहते खाना है न…
Read more »सभी प्रिय पाठकों को मेरा नमस्कार। आज आपके लिए लाए है एक ऐसी कहानी जिसमें भावनाएं है, दोस्ती है और त्याग भी है। कहानी के पात्र को जन्मदिन के मौके पर …
Read more »आइए आज आपको रुबरु करवाते है अपने गांव से, पीपल की ठण्डी छांव से। इस भाग दौड़ से भरी जिंदगी से थोड़ा समय निकालकर चलिए आज मेरे साथ मेरे गांव की …
Read more »मेला का इतिहास बहुत पुराना है। हमारे देश में बहुत से हर साल हजारों मेले लगते है। लेकिन कुंभ का मेला सिर्फ देश का ही नहीं एशिया का सबसे बड़ा मेल…
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